हड़प्पा सभ्यता की सबसे अनूठी और आकर्षक विशेषता इसका उन्नत नगरीय नियोजन (Urban Planning) था। मोहनजोदड़ो इस सभ्यता का सबसे प्रसिद्ध और उत्कृष्ट रूप से संरक्षित पुरास्थल है, हालांकि सबसे पहले खोजा गया स्थल हड़प्पा था। इस ब्लॉग में हम हड़प्पा सभ्यता के नगरों की संरचना, उनकी बेजोड़ जल निकास प्रणाली, घरेलू वास्तुकला और उनके सामाजिक जीवन के रहस्यों को गहराई से समझेंगे।
नगरों का विभाजन: दुर्ग और निचला शहर (Citadel and Lower Town)
मोहनजोदड़ो सहित अधिकांश हड़प्पा बस्तियाँ मुख्य रूप से दो भागों में विभाजित थीं:
- दुर्ग (Citadel): यह हिस्सा आकार में छोटा था लेकिन इसे अधिक ऊँचाई पर बनाया गया था। इसकी ऊँचाई का कारण यह था कि यहाँ की संरचनाएँ कच्ची ईंटों के चबूतरों पर बनी थीं। दुर्ग को चारों ओर से दीवार से घेरा गया था, जो इसे निचले शहर से अलग करती थी। यहाँ मुख्य रूप से सार्वजनिक या विशिष्ट प्रयोजनों वाली संरचनाएं थीं।
- निचला शहर (Lower Town): यह हिस्सा दुर्ग की तुलना में बहुत बड़ा था लेकिन नीचे बसा हुआ था। इसे भी दीवार से घेरा गया था। निचले शहर में आम लोगों के आवासीय भवन (घर) होते थे।
उन्नत जल निकास प्रणाली और सड़कें (Drainage System and Streets)
हड़प्पा शहरों की जल निकास प्रणाली अपने समय से बहुत आगे थी।
- ग्रिड पद्धति (Grid Pattern): निचले शहर की सड़कों और गलियों को लगभग एक ‘ग्रिड’ पद्धति में बनाया गया था, जो एक-दूसरे को समकोण (Right Angle) पर काटती थीं।
- नालियों का निर्माण: ऐसा प्रतीत होता है कि घरों के निर्माण से पहले गलियों को नालियों के साथ बनाया गया था। हर घर का गंदा पानी सड़क की नालियों से जुड़ा होता था। नालियों को पक्की ईंटों से बनाया गया था और उन्हें ऐसी ईंटों या चूना पत्थर की पट्टियों से ढका जाता था जिन्हें सफाई के लिए आसानी से हटाया जा सके। यह दुनिया की अब तक की सबसे संपूर्ण प्राचीन जल निकास प्रणाली मानी जाती है।
घरेलू वास्तुकला और एकांतता (Domestic Architecture and Privacy)
मोहनजोदड़ो का निचला शहर आवासीय भवनों का उत्कृष्ट उदाहरण है:
- आंगन-केंद्रित घर: अधिकांश घरों के बीच में एक आंगन होता था जिसके चारों ओर कमरे बने होते थे। आंगन संभवतः खाना पकाने और कताई जैसे कार्यों का केंद्र था, विशेषकर गर्म और शुष्क मौसम में।
- एकांतता (Privacy) का महत्व: हड़प्पावासी अपनी निजता (Privacy) को बहुत महत्व देते थे। भूमि तल (Ground Floor) पर बनी दीवारों में कोई खिड़कियां नहीं होती थीं। इसके अलावा, मुख्य प्रवेश द्वार से घर के आंगन या अंदरूनी हिस्से का सीधा दृश्य दिखाई नहीं देता था।
- कुएं और स्नानागार: हर घर में ईंटों के फर्श से बना अपना एक स्नानागार (Bathroom) होता था। कई घरों में कुएं भी थे जो एक ऐसे बाहरी कक्ष में बनाए जाते थे जहाँ से राहगीर भी पानी पी सकें। अनुमान है कि मोहनजोदड़ो में लगभग 700 कुएं थे।
दुर्ग की विशिष्ट सार्वजनिक संरचनाएं (Public Structures of the Citadel)
दुर्ग क्षेत्र में कुछ ऐसी संरचनाएं मिली हैं जिनका उपयोग विशेष सार्वजनिक या अनुष्ठानिक कार्यों के लिए किया जाता था:
- मालगोदाम (Warehouse): यह एक विशाल संरचना थी जिसके केवल ईंटों से बने निचले हिस्से शेष हैं (ऊपरी हिस्से संभवतः लकड़ी के थे जो नष्ट हो गए)।
- विशाल स्नानागार (The Great Bath): यह आंगन में बना एक आयताकार जलाशय था। इसमें पानी रिसने से रोकने के लिए ईंटों और जिप्सम के गारे का उपयोग किया गया था। इसके तीन ओर कमरे थे और एक में बड़ा कुआं था। इसका उपयोग संभवतः किसी विशेष ‘आनुष्ठानिक स्नान’ (Ritual Bathing) के लिए किया जाता था।
सामाजिक विभिन्नताओं का अवलोकन (Tracking Social Differences)
पुरातत्वविद यह जानने के लिए कि क्या हड़प्पा समाज में अमीर-गरीब का भेद था, दो मुख्य तरीकों का प्रयोग करते हैं:
- शवाधान (Burials): हड़प्पा स्थलों में मृतकों को गर्तों (गड्ढों) में दफनाया जाता था। कुछ कब्रों में ईंटों की चिनाई की गई थी। कब्रों में मिट्टी के बर्तन (मृदभांड) और आभूषण मिले हैं, जो यह दर्शाते हैं कि वे मृत्यु के बाद के जीवन में विश्वास करते थे। पुरुषों और महिलाओं दोनों की कब्रों से आभूषण मिले हैं (जैसे तांबे के दर्पण), लेकिन हड़प्पावासी मृतकों के साथ अत्यधिक बहुमूल्य वस्तुएं दफनाने में विश्वास नहीं करते थे।
- विलासिता की वस्तुएं (Luxury Goods): पुरातत्वविद वस्तुओं को ‘उपयोगी’ और ‘विलास’ की वस्तुओं में बांटते हैं। चक्कियां, सूइयां और मिट्टी के बर्तन सामान्य उपयोगी वस्तुएं थीं। इसके विपरीत, ‘फयॉन्स’ (faience) से बने छोटे बर्तन कीमती माने जाते थे क्योंकि इन्हें बनाना कठिन था। ऐसी महंगी वस्तुएं केवल मोहनजोदड़ो और हड़प्पा जैसी बड़ी बस्तियों में ही मिलती हैं।
Note: अध्याय के संदर्भ NCERT कक्षा 12वीं की इतिहास की पुस्तक ‘भारतीय इतिहास के कुछ विषय (भाग-1)’ से लिए गए हैं। UPSC सहित विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं में इस पुस्तक को आधार माना जाता है और इससे संबंधित प्रश्न पूछे जाते हैं।
परीक्षा उपयोगी प्रश्नोत्तरी (Q&A) - हड़प्पा सभ्यता (भाग 2)
1 विद्वानों के अनुमान के अनुसार मोहनजोदड़ो में कुओं की कुल संख्या लगभग कितनी थी?
2 मोहनजोदड़ो के आवासीय भवनों में निजता (Privacy) का मुख्य प्रमाण क्या है?
3 हड़प्पा सभ्यता में 'फयॉन्स' (Faience) से बने बर्तनों को पुरातत्वविद किस श्रेणी में रखते हैं?
4 हड़प्पा शहरों में सड़कों और गलियों का निर्माण किस पद्धति के आधार पर किया गया था?
5 मोहनजोदड़ो के 'विशाल स्नानागार' को जलरोधी (Watertight) बनाने के लिए किस सामग्री का प्रयोग किया गया था?
6 हड़प्पावासियों की कब्रों में तांबे के दर्पण और आभूषणों का मिलना क्या इंगित करता है?