How to measure sea temperature
भूगोल और ब्रह्मांड (Geography and Universe)

वैज्ञानिक El Nino और La Nina की भविष्यवाणी कैसे करते हैं?

अल नीनो और ला नीना, जिन्हें सामूहिक रूप से ENSO (El Niño-Southern Oscillation) कहा जाता है, प्रशांत महासागर के तापमान और हवाओं के पैटर्न में होने वाले बदलाव हैं।

सोचिए — प्रशांत महासागर इतना विशाल है कि उसमें पूरी दुनिया के महाद्वीप समा जाएं। इस अथाह समुद्र के बीचोबीच एक खास हिस्से का तापमान +1.5°C अधिक है — यह वैज्ञानिकों को कैसे पता चलता है?

कोई वहाँ थर्मामीटर लेकर नहीं खड़ा है। कोई नाव हर जगह नहीं जा सकती। फिर यह माप कैसे होती है?

जवाब है — चार तरीकों का मेल।

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पहले समझें — Niño-3.4 क्षेत्र है कहाँ?

पूरे प्रशांत महासागर का तापमान मापना असंभव है। इसलिए वैज्ञानिकों ने एक खास आयताकार क्षेत्र चुना है जो एल नीनो के लिए सबसे संवेदनशील है।

यह क्षेत्र है —

  • पूर्व-पश्चिम: 120°W से 170°W देशांतर के बीच
  • उत्तर-दक्षिण: भूमध्य रेखा के 5° उत्तर से 5° दक्षिण तक

सरल भाषा में — यह हवाई द्वीप और दक्षिण अमेरिका के बीच भूमध्य रेखा पर एक बड़ा आयत है।

इस क्षेत्र को Niño-3.4 इसलिए कहते हैं क्योंकि यह Niño-3 और Niño-4 नाम के दो पुराने क्षेत्रों के बीच में है।

अब देखते हैं इसका तापमान कैसे मापते हैं।


तरीका १ — TAO/TRITON बॉय नेटवर्क: समुद्र में तैरते वैज्ञानिक

ये बॉय होते क्या हैं?

एक बॉय (Buoy) को इस तरह सोचिए — एक बड़ा नारंगी रंग का यंत्र जो समुद्र की सतह पर तैरता रहता है। यह न डूबता है न बहता है — एक लंबी रस्सी से समुद्र की तलहटी में लंगर की तरह बंधा रहता है।

इसके अंदर होते हैं —

  • तापमान मापने के यंत्र (Thermistors)
  • हवा की गति और दिशा मापने का यंत्र
  • वायुदाब मापने का यंत्र
  • समुद्र की सतह की ऊँचाई मापने का यंत्र
  • सौर ऊर्जा से चलने वाली बैटरी
  • उपग्रह से संपर्क करने का ट्रांसमीटर

यह काम कैसे करता है?

हर बॉय के नीचे एक लंबा तार लटका होता है — कभी-कभी 500 मीटर तक गहरा। इस तार पर हर 10-20 मीटर की दूरी पर तापमान के सेंसर लगे होते हैं।

यानी एक बॉय एक साथ —

  • समुद्र की सतह का तापमान
  • 10 मीटर गहराई का तापमान
  • 50 मीटर गहराई का तापमान
  • 100 मीटर गहराई का तापमान
  • 200 मीटर और 500 मीटर गहराई का तापमान

— सब एक साथ माप रहा होता है।

यह डेटा हर 10 मिनट में रिकॉर्ड होता है और हर घंटे उपग्रह के ज़रिए वैज्ञानिकों के कंप्यूटर तक पहुँच जाता है।

कितने बॉय हैं?

पूरे उष्णकटिबंधीय प्रशांत महासागर में 70 से अधिक बॉय लगाए गए हैं — एक व्यवस्थित जाल की तरह। यह नेटवर्क अमेरिका (NOAA) और जापान (JAMSTEC) मिलकर चलाते हैं।

इन बॉयों को हर 2-3 साल में जहाज़ों द्वारा बदला जाता है — क्योंकि समुद्र का खारा पानी और लहरें इन्हें धीरे-धीरे खराब कर देती हैं।

बॉय से डेटा कैसे आता है?

बॉय → उपग्रह (ARGOS या GPS) → ज़मीन पर स्थित रिसीविंग स्टेशन → NOAA का कंप्यूटर सर्वर → वैज्ञानिक

यह पूरी प्रक्रिया कुछ घंटों में पूरी हो जाती है।


तरीका २ — उपग्रह: अंतरिक्ष से समुद्र देखना

उपग्रह समुद्र का तापमान कैसे मापता है?

यह सबसे दिलचस्प तरीका है।

समुद्र की सतह से हमेशा अवरक्त विकिरण (Infrared Radiation) निकलती रहती है — यानी गर्मी की किरणें। जितना गर्म पानी, उतनी ज़्यादा अवरक्त विकिरण।

उपग्रह पर लगे Infrared Radiometer यंत्र इस विकिरण को पकड़ते हैं। फिर एक गणितीय सूत्र से विकिरण की मात्रा को तापमान में बदला जाता है।

सरल उदाहरण — जैसे आपके घर में infrared थर्मामीटर (जो COVID में माथे पर लगाते थे) बिना छुए तापमान बता देता है — उसी तरह उपग्रह बिना पानी छुए समुद्र का तापमान माप लेता है।

प्रमुख उपग्रह कौन से हैं?

NOAA-20 और Suomi-NPP — अमेरिकी मौसम उपग्रह जो हर दिन पूरी पृथ्वी का चक्कर लगाते हैं।

Jason-3 और Sentinel-6 — ये उपग्रह समुद्र की सतह की ऊँचाई भी मापते हैं। जहाँ गर्म पानी होता है वहाँ समुद्र थोड़ा ऊँचा उठ जाता है — यह भी एल नीनो का संकेत है।

GOES उपग्रह — ये भूस्थिर (Geostationary) उपग्रह हैं जो एक ही जगह स्थिर रहकर हर 15 मिनट में तस्वीर लेते हैं।

उपग्रह की सीमा

उपग्रह एक कमज़ोरी है — बादल। जब आसमान में बादल हों तो infrared विकिरण बादलों से ऊपर आ नहीं पाती और उपग्रह समुद्र नहीं देख पाता।

इसलिए उपग्रह डेटा को बॉय डेटा से मिलाकर बादल वाले क्षेत्रों की भरपाई की जाती है।


तरीका ३ — Argo Float: गोताखोर रोबोट

यह क्या है?

Argo Float एक बेलनाकार यंत्र है — लगभग डेढ़ मीटर लंबा, 25 किलो वज़न।

यह समुद्र में छोड़ दिया जाता है और फिर खुद ऊपर-नीचे होता रहता है।

कैसे? इसके अंदर एक hydraulic bladder होता है — जैसे गुब्बारे को फुलाओ तो ऊपर आता है, पिचकाओ तो नीचे जाता है।

यह क्या करता है?

Argo Float का एक चक्र 10 दिन का होता है —

पहले यह 2000 मीटर गहराई तक जाता है। वहाँ 9 दिन रहता है और हर 10 मीटर पर तापमान, दबाव, और खारापन (Salinity) मापता है। फिर धीरे-धीरे ऊपर आता है — आते-आते सब कुछ रिकॉर्ड करता है। जब सतह पर आता है तो उपग्रह को डेटा भेजता है। फिर वापस नीचे चला जाता है।

यह यंत्र 4-5 साल तक अपने आप काम करता है।

कितने हैं?

पूरी दुनिया के महासागरों में 4000 से अधिक Argo Floats तैनात हैं। यह 50 से अधिक देशों का संयुक्त प्रयास है। भारत भी इसमें भागीदार है।


तरीका ४ — जहाज़ और पुराना तरीका

XBT — Expendable Bathythermograph

जब वैज्ञानिक जहाज़ समुद्र में जाते हैं तो वे XBT नाम का एक यंत्र पानी में फेंकते हैं।

यह एक पतली बेलनाकार वस्तु होती है जो गिरते-गिरते हर गहराई पर तापमान मापती है। इससे एक पतला तार जुड़ा होता है जो जहाज़ पर डेटा भेजता रहता है। जब तार टूट जाता है — यंत्र समुद्र की तलहटी में चला जाता है। इसीलिए इसे “Expendable” (एक बार इस्तेमाल) कहते हैं।

व्यापारिक जहाज़ों का योगदान

दुनिया भर के हज़ारों व्यापारिक जहाज़ — तेल टैंकर, मालवाहक जहाज़ — अपने रूट पर चलते-चलते समुद्र का तापमान रिकॉर्ड करते हैं। इन्हें Voluntary Observing Ships (VOS) कहते हैं।

जहाज़ के इंजन को ठंडा करने के लिए समुद्र का पानी अंदर लिया जाता है — उसी पाइप में तापमान सेंसर लगा होता है। यह डेटा स्वचालित रूप से रिकॉर्ड और उपग्रह के ज़रिए भेजा जाता है।


अब असली गणना — +1.5°C कैसे निकाला?

Step 1 — कच्चा डेटा इकट्ठा करना

हर दिन NOAA के सर्वर पर लाखों तापमान रीडिंग आती हैं —

  • बॉयों से
  • उपग्रहों से
  • Argo Floats से
  • जहाज़ों से

Step 2 — डेटा की सफाई (Quality Control)

सभी रीडिंग सही नहीं होतीं। कोई बॉय खराब हो सकती है। कोई उपग्रह रीडिंग बादल से प्रभावित हो सकती है।

इसलिए कंप्यूटर प्रोग्राम हर रीडिंग को जाँचते हैं —

  • क्या यह रीडिंग पास की दूसरी रीडिंग से बहुत अलग है?
  • क्या यह भौतिक रूप से संभव है?
  • क्या यंत्र में कोई गड़बड़ी तो नहीं?

संदिग्ध रीडिंग हटा दी जाती हैं।

Step 3 — Niño-3.4 क्षेत्र की औसत गणना

Niño-3.4 क्षेत्र को एक ग्रिड में बाँटा जाता है — हर 1°×1° का एक खाना। यानी लगभग 850 छोटे-छोटे खाने।

हर खाने में उस हफ्ते मिली सभी रीडिंग का औसत निकाला जाता है। फिर सभी 850 खानों का भारित औसत (Weighted Average) निकाला जाता है। यही बनता है — साप्ताहिक SST (Sea Surface Temperature)।

Step 4 — “सामान्य” से तुलना

यहाँ सबसे महत्वपूर्ण कदम आता है।

वैज्ञानिकों ने 1991 से 2020 तक के 30 साल के तापमान डेटा का औसत निकाला है। इसे “Climatological Normal” या “आधार रेखा” कहते हैं।

यानी —

  • जनवरी में Niño-3.4 का सामान्य तापमान क्या रहा है?
  • फरवरी में?
  • जून में?

हर महीने और हर हफ्ते का अपना “सामान्य” तापमान होता है।

अब जो वर्तमान तापमान है उसमें से “सामान्य” घटा दो —

वर्तमान तापमान − सामान्य तापमान = Anomaly (विचलन)

जून 2026 में —
Niño-3.4 का वास्तविक तापमान = मान लीजिए 28.5°C
जून का सामान्य तापमान = 27.0°C
Anomaly = 28.5 − 27.0 = +1.5°C

यही वह संख्या है जो हर जगह छपती है।

Step 5 — ONI की गणना

एक हफ्ते का आँकड़ा काफी नहीं होता। मौसम में रोज़ बदलाव होते हैं।

इसलिए Oceanic Niño Index (ONI) निकाला जाता है — जो 3 महीने के चलते औसत पर आधारित है।

जैसे मार्च-अप्रैल-मई 2026 का औसत Anomaly = +0.48°C था (जो हमने लेख में पढ़ा)।

जब ONI लगातार 5 महीनों तक +0.5°C या उससे अधिक रहे — तब आधिकारिक रूप से “एल नीनो” घोषित होता है।


यह गणना कितनी सटीक है?

माप का तरीका कितने क्षेत्र में कितनी बार सटीकता
TAO/TRITON बॉय प्रशांत महासागर हर 10 मिनट ±0.01°C
उपग्रह पूरी दुनिया हर 12-24 घंटे ±0.3°C
Argo Float सभी महासागर हर 10 दिन ±0.002°C
जहाज़/XBT समुद्री रूट अनियमित ±0.1°C

इन सबको मिलाकर जो अंतिम Niño-3.4 Anomaly निकलता है उसकी सटीकता ±0.1°C के भीतर होती है।


एक मज़ेदार तथ्य

1982-83 का सबसे भयंकर एल नीनो था। लेकिन वैज्ञानिकों को इसकी जानकारी बहुत देर से मिली — क्योंकि तब न बॉय नेटवर्क था, न उपग्रह इतने सक्षम थे।

उस अनुभव के बाद ही TAO बॉय नेटवर्क बनाने का फैसला हुआ। 1994 तक पूरा नेटवर्क तैयार हो गया।

आज हम 6 महीने पहले एल नीनो की चेतावनी दे सकते हैं — सिर्फ इसलिए क्योंकि 1982 की गलती से सीखा गया।


अंत में — विज्ञान की असली ताक़त

यह पूरी प्रक्रिया — बॉय, उपग्रह, Argo Float, जहाज़, कंप्यूटर, गणित — मिलकर एक ऐसा जाल बुनते हैं जो समुद्र की हर हलचल पकड़ लेता है।

और इस जाल से निकलती है एक छोटी सी संख्या — +1.5°C।

यह संख्या छोटी लगती है। लेकिन इसी संख्या से भारत के किसान जानते हैं कि इस साल कितना पानी बरसेगा। इसी से ऑस्ट्रेलिया के अधिकारी जंगल की आग की तैयारी करते हैं। इसी से दुनिया भर की सरकारें अनाज का भंडार बनाती हैं।

एक छोटी सी संख्या — और उसके पीछे हज़ारों वैज्ञानिकों की दशकों की मेहनत।

📝

Question and Answers: El Niño-Southern Oscillation Measurement

📊 15 प्रश्न 🔀 Shuffled

1 उपग्रह समुद्र का तापमान मापने के लिए किस विकिरण (Radiation) का उपयोग करते हैं?

2 'Climatological Normal' (आधार रेखा) क्या है?

3 Oceanic Niño Index (ONI) के लिए कितने समय का औसत (Moving Average) लिया जाता है?

4 TAO/TRITON बॉय (Buoys) समुद्र में अपनी स्थिति कैसे बनाए रखते हैं?

5 उपग्रह डेटा में 'बादलों' के कारण आने वाली समस्या का समाधान कैसे किया जाता है?

6 'Voluntary Observing Ships' (VOS) डेटा कैसे भेजते हैं?

7 1982-83 के एल नीनो के बाद क्या बड़ा बदलाव आया?

8 NIÑO-3.4 क्षेत्र का विस्तार क्या है?

9 "Expendable Bathythermograph" (XBT) को 'Expendable' क्यों कहा जाता है?

10 Niño-3.4 क्षेत्र को 'एल नीनो' के अध्ययन के लिए क्यों चुना गया है?

11 'Argo Float' का मुख्य कार्य क्या है?

12 आधिकारिक रूप से 'एल नीनो' कब घोषित किया जाता है?

13 एक TAO बॉय समुद्र के तापमान को कहाँ से मापता है?

14 'Anomaly' (विचलन) की गणना कैसे की जाती है?

15 समुद्री स्तर की ऊँचाई मापकर एल नीनो का पता कैसे चलता है?

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लेखक के बारे में

Sudeep Chakravarty

83 लेख प्रकाशित

नमस्कार दोस्तों ! मेरा नाम सुदीप चक्रवर्ती है और मैं बनारस का रहने वाला हूँ । नए-नए विषयो के बारे में पढ़ना, लिखना मुझे पसंद है, और उत्सुक हिंदी के माध्यम से उन विषयो के बारे में सरल भाषा में आप तक पहुंचाने का प्रयास करूँगा।

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